Harsh jain

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नन्द लाला

वृन्दावन की गलिया तेरी राह निहारें कान्हा जी! 
वंशीवट भी पागल होकर तुझे पुकारे कान्हा जी! 
वे सारी गैय्या भी तेरा पंथ निहारा करती हैं! 
और सोचती जल्दी आकर हमे दुलारे कान्हा जी!! 


        हर्ष जैन सहर्ष

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2 Comments

Miss Lipsa

01-Sep-2021 01:51 PM

Btw ye pic kaha se lye hai aap..aapka cover image..??

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Miss Lipsa

31-Aug-2021 09:49 PM

Superb

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